नर्निया
एक ख़्वाब है नार्निया
जो अधीन है बिरूठे हुए पिताओं
सिकुड़ती हुई माँओं
बिन छत और परिवार की संतानों की पीड़ का
उन परिवारनुमा बच्चों की टीन्स का
जिनका परिवार है
पर वस्तुतः नहीं है
नार्निया का ख्वाब अधीन है एक टूटी हुई दुनिया का
वो याद है नर्निया
जो रह-रह कर याद आती है
जबकि एटेरनल सनशाईन की क्लेमेंटीन सरीखा
खिज़ में भर बेदर्दी से मिटा दिया है हमने इसे
बाकयदा घूमते फिरते साँझ-सहर फिर कहीं इसी से दोबारा
टकरा जाने के लिए
नर्निया हमारे ज़हन से अनप्रोग्राम न होने वाली सबसे
ज़िद्दी-हट्ठी याद है
नार्निया की चाहत सबसे इनएवीटेबल चाहत है
‘मैं कौन’ और ‘मैं
क्यों’ के न मिलते जवाबों का अदृश सूत्र है
कर्मकांडी के लिए उसके बाप की जागीर है
स्वधर्मी के लिए मात्र एक शब्द जो उसके मन में मिचलन और
सिर में दर्द पैदा करता है
नास्तिक के लिए उसके नास्तिक होने का मुख्य कारण
और जमीन पर लोटे खाते बच्चो के लिए एक खिला आसमान
असीम, स्वाभाविक, सुंदर
नार्निया पर चिंतन मानवजाति का सबसे मौलिक चिंतन है
दुखद है हमारा चिंतन कभी हमे नार्निया तक ले जा नहीं
सकता
और जो संभवतः ले जा सकता है वो हमारे चिंतन से परे की
चीज़ है
नार्निया का खंडन
हमारे थक जाने का प्रमाण है
दुख की बेहोशी में मुँह से निकली आह
ज्ञान के अज्ञान में न खोजी गयी बस्ती है नर्निया
जबकि अपने-अपने सामर्थ में
हम सभी अपने-अपने नर्निया के निर्माण में निहित हैं
बौड्रिलार्ड के सिम्यूलैकरा और हाईपररेयलिटी के एक
परस्पर के युद्ध में निहित है हम
अतः नार्निया की सुध एक निरा पागलपन है
आँखों का फेरा है,
जनाब
नर्निया मात्र एक कल्पना है
वस्तुतः एक कल्पना ही तो है
ठीक उस घड़ी तक
जब तक आप इस कल्पना में प्रवेश नहीं करते

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